"युवा विकास के आयाम व गांधी दर्शन" विषय पर दो दिवसीय सेमिनार का हुआ आयोजन

-आज भी प्रासंगिक व युवा सशक्तिकरण का आधार है गांधी दर्शन


बूंदी 03 अक्टूबर। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कमजोर होकर भटकती युवा पीढ़ी के व्यक्तित्व विकास में गांधी दर्शन की भूमिका पर विवेचन हेतु हट्टीपुरा स्थित  डॉ केबीएच टीटी कॉलेज पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व उमंग संस्थान के तत्वाधान में युवा विकास के आयाम व गांधी दर्शन विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया। आयोजन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े डॉ सर्वेश तिवारी, भारत स्काउट गाइड सीओ (गाइड) कृतिका पराशर व उमंग संस्थान अध्यक्ष डॉ सविता लौरी मुख्य वक्ता रहें।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता डॉ.तिवारी ने युवाओं को महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के जीवन दर्शन, कृतित्व व व्यक्तित्व से रूबरू करवाया। उन्होंने कहा कि मोहनदास करमचंद गांधी ने एक युवा के रूप में स्वयं को स्वीकार कर अपनी अंतर्निहित शक्तियों के द्वारा अपना व्यक्तित्व विकसित किया फिर समाज व राष्ट्र को नई दिशा प्रदान की। गांधी दर्शन पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक युवा में अपार सम्भावनाये निहित हैं अतः गांधी दर्शन आज भी प्रासंगिक व युवा सशक्तिकरण का आधार है। संभागियों को संबोधित करते हुए  कृतिका पाराशर ने गांधी शास्त्री के जीवन दर्शन से जुड़े विभिन्न पहलुओं से युवाओं को दृष्टांत के माध्यम से अवगत करवाया वह उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करने हेतु प्रेरित किया, उन्होंने इस अवसर पर व्यक्तित्व विकास में स्काउट गाइड की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

दो दिवसीय आयोजन के द्वितीय सत्र में मंगलवार को संभागियों की परिचर्चा के साथ  डॉ सविता लोरी ने गांधीवाद व व्यक्तित्व विकास के विभिन्न आयाम, असिस्टेंट प्रोफेसर सीमा शर्मा ने युवा विकास के शैक्षणिक पक्ष पर प्रकाश डाला। गांधी शास्त्री की तस्वीर पर माल्यार्पण से शुरू हुए कार्यक्रम में दीपक गौतम, शैतान गुर्जर, आयुषी गौत्तम, गोविंद प्रजापत ने गांधी जी के प्रिय भजन रघुपति राघव राजा राम,  वैष्णव जन तो तेने कहिए… के साथ उनके जीवन से जुड़े दृष्टांत प्रस्तुत  किए । कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर कृष्णकांत राठौर ने किया। प्रबंधक विजय बहादुर सिंह हाडा ने आभार प्रकट किया। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े राजेश कुमार, चंद्रवीर सिंह सोलंकी, मुकेश सैनी सहित छात्राध्यापक छात्राध्यापिकाओं ने सहभागिता की।